अभिनव गाथा - लेखक - गोपाल दत्त देवतला
समूचे विश्व में युद्धों में मारे गए निर्दोष नागरिकों, सैनिकों, बच्चों , पशुओं, वृक्षों कीट पतंगों , व प्रकृति की हर संरचना के विध्वंश पर उन्हें श्रद्धांजलि।
क्रूर, अत्याचारी , सत्ता लोलुप तानाशाहों को धिक्कार।
संध्या के कितने रुप ?
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