अभिनव गाथा
अभिनव गाथा - लेखक - गोपाल दत्त देवतला
शुक्रवार, 22 जनवरी 2010
आज और कुछ नहीं
कल के अखबार में एक तेंदुए के मारे जाने की खबर फिर छपी । हे भगवान् यह क्या हो रहा है ? इस पर संसद में प्रश्न उठाया जाना चाहिए । और इनकी सुरक्षा निश्चित की जानी चाहिए । आज और कुछ नहीं ।
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