शुक्रवार, 22 जनवरी 2010

आज और कुछ नहीं

कल के अखबार में एक तेंदुए के मारे जाने की खबर फिर छपी । हे भगवान् यह क्या हो रहा है ? इस पर संसद में प्रश्न उठाया जाना चाहिए । और इनकी सुरक्षा निश्चित की जानी चाहिए । आज और कुछ नहीं ।

कल रातभर वर्षा होती रही।   इस वर्षा ने प्राकृतिक सौंदर्य में नए  प्राण डाल दिए हैं. बसंत पंचमी के आगमन के साथ ही वातावरण में एक नयापन आ गया ...