सोमवार, 24 अगस्त 2009

आज इतना ही

सुबह मामा जी का फ़ोन आया कि नानी जी का देहांत हो गया मन किसी काम पर नहीं लगा । बहुत दुःख हुआ । दिन भर व्यस्त रहा । सांसद श्री प्रदीप टम्टा जी का भ्रमण कार्यक्रम था। घर आकर मालूम बिल्ली के बच्चे को गौल ले गया । बहुत दुःख हुआ ।एक बार पहले भी इसे गौल का मुँह से बचा कर लाया था । फिर पतंग बाघ के मुख से बचाया . शाम को कुन्नु का जन्म दिन था । साधारण तरीके से मनाया ।
आज इतना ही ।

कल रातभर वर्षा होती रही।   इस वर्षा ने प्राकृतिक सौंदर्य में नए  प्राण डाल दिए हैं. बसंत पंचमी के आगमन के साथ ही वातावरण में एक नयापन आ गया ...