रविवार, 12 अक्टूबर 2014

नमस्कार मित्रो ,
आज कई दिनों बाद अपने ब्लॉग पर बैठा हूँ।  इस बीच  कभी व्यस्तता से अवसर मिला तो जो कुछ लिखा वह अपनी डायरी में दर्ज कर लिया। मेरा नया कविता संग्रह "सरहद पार की धूप '" आधारशिला प्रकाशन हल्द्वानी से प्रकाशित होने वाला है. तथा एक नए संग्रह पर कार्य कर रहा हूँ।
भारत को नोबल पुरस्कार मिलाने पर ख़ुशी हुई। साथ ही पाकिस्तान को भी नोबल पुरस्कार मिलाने पर ख़ुशी हुई. विशेषतः ख़ुशी इस लिए हुई कि  ये पुरस्कार मानवता के मार्ग को प्रस्शत करेंगे। ये अहिंसा के मार्ग को प्रस्शत करेंगे.
चूँकि आज इतवार है इस लिए सारा दिन घर पर बच्चों के साथ बीता। अपना काम भी करता रहा और बच्चों के साथ बातें भी करता रहा।
एक चक्कर बाजार घूमने निकला दोस्तों से मिला।  

कल रातभर वर्षा होती रही।   इस वर्षा ने प्राकृतिक सौंदर्य में नए  प्राण डाल दिए हैं. बसंत पंचमी के आगमन के साथ ही वातावरण में एक नयापन आ गया ...