शुक्रवार, 28 अगस्त 2009

दिन भर तेज धूप

बाज़ार बंद होने के कारण दिनभर घर मैं ही रहा । संतोष मासीवाल जी से प्रिंटर मंगाया था वे आज दिन में लगा गए । दिन भर प्रिंटर को चलाना सीखा । सुबह एक बार लग रहा था कि वारिश होगी । लेकिन दिन भर तेज धूप रही कुछ लोग मिलने के लिए आए थे ।कुछ देर गप्पें मार कर चले गए । दिन किस तरह निकल गया कुछ पता ही नहीं चला । शाम होते -होते प्रिंटर पर काम करना सीख लिया । खाना खाकर कुछ देर पिताजी के साथ बैठकर बातचीत की तत्पश्चात आकर कंप्युटर पर बैठा ।

कल रातभर वर्षा होती रही।   इस वर्षा ने प्राकृतिक सौंदर्य में नए  प्राण डाल दिए हैं. बसंत पंचमी के आगमन के साथ ही वातावरण में एक नयापन आ गया ...