कल का अखबार देखा चौखुटिया के पास एक तेंदुआ फिर मारा गया । आश्चर्य कि तेंदुओं की मौत पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है । यह क्षेत्र वन तस्करों के लिए सुरक्षित क्षेत्र है । साथ ही वन्जारों पर भी नियंत्रण रखा जाना चाहिए । क्योंकि ये लोग छोटे जंगली जानवरों -सियार , जंगली खरगोश , वन मुर्गी ,खुबसूरत और लम्बी पूंछ वाला लुप्तप्राय जानवर जिसे कुमाउनी में अठराव कहते हैं इनका शिकार करते हैं ।
सुबह जल्दी उठकर रोज के काम निबटाये ठण्ड बहुत थी लेकिन तेज धूप भी । कल रानीखेत गया था एक मीटिंग थी । लौटते हुए शाम हो गई थी । पहाड़ों का बहुत खुबसूरत नजारा देखते हुए जाने का पूरा आनंद लिया । हर मोड़ पर खूबसूरती इंतज़ार करती लगती है । लेकिन हमें तो देखकर निकल जाना होता है । -खूबसूरती भी ,बदसूरती भी और रह जाते हैं रस्ते । जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण सुख इन रास्तों के पास ही होता है जो ये हमें देदेते हैं ।
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