गुरुवार, 4 नवंबर 2010

उल्लास भी एक रौशनी है


दीपावली पर सभी मित्रों पाठकों को हार्दिक शुभ कामनाएं .
आज लगा कि कुछ अपनी बात कहनी चाहिए । कई दिनों से खामोश था ।
बिलकुल मौन । यानि एक प्रकार से अँधेरे को ओढ़े हुए ,
दीपावली - प्रकाश पर्व पर तो हर ओर प्रकाश होना ही चाहिए
उल्लास भी एक रोशनी है ।
और उम्मीद भी । दोनों एक साथ मिलें तो मंजिल की ओर एक उत्साह के साथ कदम बढ़ेंगे ।

कल रातभर वर्षा होती रही।   इस वर्षा ने प्राकृतिक सौंदर्य में नए  प्राण डाल दिए हैं. बसंत पंचमी के आगमन के साथ ही वातावरण में एक नयापन आ गया ...